hindisamay head


अ+ अ-

कविता

देखो कि

भवानीप्रसाद मिश्र


रात को
दिन को
अकेले में

और मेले में
तुम गुनगुनाते रहना
क्योंकि देखो

गुनगुना रही हैं
वहाँ मधुमक्खियाँ
नीम के फूलों को चूसते हुए

और महक रहे हैं
नीम के फूल ज्यादा-ज्यादा
देकर मधुमक्खियों को रस !

 


End Text   End Text    End Text

हिंदी समय में भवानीप्रसाद मिश्र की रचनाएँ